सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में खेले गए पांचवें और अंतिम टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पांच विकेट से हराकर एशेज सीरीज़ 4-1 से अपने नाम कर ली। इस रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 160 रनों के लक्ष्य का सफल पीछा किया, हालांकि इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज़ जैकब बेथेल ने शानदार 154 रनों की जुझारू पारी खेलकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया था।
पूरी सीरीज़ के दौरान चोटों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुश्किलें बढ़ाईं। तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड पूरे पांच टेस्ट नहीं खेल सके, कप्तान पैट कमिंस चार टेस्ट से बाहर रहे, जबकि अनुभवी स्पिनर नाथन लायन तीन मैचों में उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद टीम ने शानदार सामूहिक प्रदर्शन करते हुए सीरीज़ पर कब्ज़ा जमाया।
तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क इस एशेज के सबसे बड़े सितारे रहे। उन्होंने 17.42 की औसत से 31 विकेट चटकाए और इसी दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित कॉम्पटन-मिलर मेडल से नवाज़ा गया। बल्लेबाज़ी में ट्रैविस हेड ने कमाल दिखाते हुए पूरी सीरीज़ में सबसे ज़्यादा 629 रन बनाए।
यह टेस्ट ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा के करियर का आखिरी टेस्ट साबित हुआ। अपने 88वें टेस्ट मैच में उतरते समय उन्हें इंग्लिश टीम की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मैच के बाद ख्वाजा ने भावुक होकर SCG की पिच को चूमते हुए क्रिकेट को अलविदा कहा, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने न केवल एशेज पर अपनी बादशाहत कायम रखी, बल्कि यह भी साबित किया कि कठिन हालात और चोटों के बावजूद टीम का संतुलन और जज़्बा उसे चैंपियन बनाता है।