गायकवाड़ की नाबाद 56 ने संभाली महाराष्ट्र की पारी, गोवा के खिलाफ संकट से उबारा
रुतुराज गायकवाड़ ने दबाव में खेलते हुए महाराष्ट्र की पारी को टूटने से बचाया।
रुतुराज गायकवाड़ ने दबाव में खेलते हुए महाराष्ट्र की पारी को टूटने से बचाया।
रुतुराज गायकवाड़ ने दबाव में खेलते हुए महाराष्ट्र की पारी को टूटने से बचाया।
विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप सी मुकाबले में रुतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर अपने संयम और तकनीक का शानदार नमूना पेश किया। जयपुर के डॉ. सोनी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में गायकवाड़ की नाबाद 56 रन की पारी ने महाराष्ट्र को बड़े संकट से उबारते हुए सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।
महाराष्ट्र की शुरुआत बेहद खराब रही। गोवा के तेज़ गेंदबाज़ वासुकी कौशिक ने घातक गेंदबाज़ी करते हुए शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। उन्होंने सिर्फ 12 रन देकर 3 विकेट झटके, जिसमें पृथ्वी शॉ जैसे अहम बल्लेबाज़ का जल्दी आउट होना भी शामिल था। लगातार विकेट गिरने से महाराष्ट्र की पारी लड़खड़ा गई और टीम मुश्किल में फंस गई।
ऐसे समय में कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 88 गेंदों में नाबाद 56 रन बनाए और सातवें विकेट के लिए विक्की ओस्टवाल के साथ अटूट 66 रन की साझेदारी की। ओस्टवाल ने भी जिम्मेदारी दिखाते हुए 34 रन बनाकर नाबाद रहे। इस साझेदारी के दम पर 36 ओवर के बाद महाराष्ट्र का स्कोर 6 विकेट पर 118 रन तक पहुंच सका।
यह गायकवाड़ का मौजूदा टूर्नामेंट में तीसरा अर्धशतक है। इससे पहले उन्होंने उत्तराखंड के खिलाफ शानदार शतक लगाया था और मुंबई के खिलाफ भी अर्धशतकीय पारी खेली थी। निरंतरता का यह प्रदर्शन उन्हें टूर्नामेंट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शामिल करता है।
गायकवाड़ का लिस्ट ए करियर भी लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है। वह अब तक 4,900 से अधिक रन बना चुके हैं और भारत के प्रमुख लिस्ट ए रन-स्कोररों में शामिल हैं। गोवा के खिलाफ यह जुझारू पारी एक बार फिर साबित करती है कि दबाव के क्षणों में गायकवाड़ महाराष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।