एशेज 2025-26: ज़ैक क्रॉली का बड़ा बयान, ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर टॉड मर्फी पर बनाएंगे दबाव
SCG टेस्ट से पहले इंग्लैंड ओपनर ज़ैक क्रॉली ने आक्रामक क्रिकेट जारी रखने का भरोसा जताया
SCG टेस्ट से पहले इंग्लैंड ओपनर ज़ैक क्रॉली ने आक्रामक क्रिकेट जारी रखने का भरोसा जताया
SCG टेस्ट से पहले इंग्लैंड ओपनर ज़ैक क्रॉली ने आक्रामक क्रिकेट जारी रखने का भरोसा जताया
इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ ज़ैक क्रॉली ने स्पष्ट किया है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज़ के पांचवें और अंतिम टेस्ट में भी इंग्लैंड अपनी आक्रामक क्रिकेट शैली से पीछे नहीं हटेगा। चाहे ऑस्ट्रेलिया किसी भी गेंदबाजी संयोजन के साथ उतरे, इंग्लिश टीम दबाव बनाने की रणनीति जारी रखेगी।
SCG टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के युवा स्पिनर टॉड मर्फी के प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की संभावना है। नाथन लियोन के बाहर होने के बाद मर्फी को घरेलू परिस्थितियों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की स्पिन आक्रमण की अगुवाई करने का मौका मिल सकता है।
ज़ैक क्रॉली ने कहा,
“हमारी टीम का मंत्र यही है कि सामने वाले खिलाड़ी पर दबाव बनाया जाए। टॉड एक अच्छे गेंदबाज़ हैं, लेकिन हम उन्हें भी उसी तरह चुनौती देंगे जैसे बाकी गेंदबाज़ों को देते हैं। इसमें जोखिम होगा, खासकर अगर पिच घूमती है।”
अब तक सात टेस्ट खेल चुके टॉड मर्फी ने सभी मुकाबले विदेशी धरती पर खेले हैं, जिसमें उन्होंने 22 विकेट हासिल किए हैं।
इंग्लैंड भी अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है। शोएब बशीर को पहली बार इस सीरीज़ में मौका मिलने की संभावना है। वहीं मैथ्यू पॉट्स को गस एटकिंसन की जगह टीम में शामिल किया गया है।
इंग्लैंड का XII (SCG टेस्ट):
ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स, जैमी स्मिथ, ब्रायडन कार्स, विल जैक्स, मैथ्यू पॉट्स, जोश टंग, शोएब बशीर
सीरीज़ में इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता बल्लेबाज़ी रही है। क्रॉली ने स्वीकार किया कि टीम परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में नाकाम रही, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वही शैली जारी रखी जाएगी जिसने हाल के महीनों में सफलता दिलाई है।
ऑस्ट्रेलिया 3-1 से सीरीज़ में आगे है, लेकिन इंग्लैंड आखिरी टेस्ट जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश करेगा। SCG की पिच पर हल्की हरियाली देखी गई है, हालांकि क्यूरेटर एडम लुईस को पूरे पांच दिन का खेल होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि धूप से पिच की हरियाली कम होगी और बल्लेबाज़ों व गेंदबाज़ों के बीच संतुलन बना रहेगा।