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हर्मनप्रीत कौर का नया मिशन: जीत की सोच छोड़ना नहीं, विरासत बनाना

WPL ने हर्मनप्रीत कौर को कप्तान से लीडर तक बदल दिया

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हर्मनप्रीत कौर का नया मिशन: जीत की सोच छोड़ना नहीं, विरासत बनाना

WPL ने हर्मनप्रीत कौर को कप्तान से लीडर तक बदल दिया

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हर्मनप्रीत कौर का नया मिशन: जीत की सोच छोड़ना नहीं, विरासत बनाना
Image Source: x.com

भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वर्ल्ड कप जिताने वाली इकलौती कप्तान हर्मनप्रीत कौर का सफर आसान नहीं रहा। निर्णायक मौकों पर चूक और दबाव में असफलताएं उनके करियर का हिस्सा रही हैं। लेकिन विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) और मुंबई इंडियंस की कप्तानी ने न सिर्फ उनके खेल, बल्कि उनकी सोच को भी पूरी तरह बदल दिया है।

दो बार WPL खिताब जीत चुकी मुंबई इंडियंस की कप्तान हर्मनप्रीत कौर ने अब अपने लिए एक नया लक्ष्य तय किया है — ‘विनिंग माइंडसेट’ की विरासत छोड़ना।

हर्मनप्रीत ने बुधवार को कहा,
“मैं जहां भी जाऊं, वहां लोग सिर्फ यह सोचें कि हम जीत कैसे सकते हैं। सिर्फ भागीदारी से कुछ नहीं बदलता। लेकिन अगर आप जीत की सोच के साथ काम करें, तो वह आपको और आपके देश को बहुत कुछ दे सकता है।”

WPL में मुंबई इंडियंस की कप्तान के रूप में हर्मनप्रीत ने पहली बार मेग लैनिंग की कप्तानी वाली मजबूत टीम को फाइनल में हराया। यही वह प्रतिद्वंद्वी थीं, जिनके खिलाफ नीली जर्सी में खेलते हुए हर्मनप्रीत पहले कई बार मात खा चुकी थीं।

हर्मनप्रीत ने माना कि इस बदलाव में WPL की बड़ी भूमिका रही है।
“WPL ने मेरी सोच में बड़ा बदलाव किया है। पहले कुछ सीमाएं थीं। मुंबई इंडियंस में आकर मैंने देखा कि वे हर वक्त यह सोचते हैं कि किसी भी टीम को कैसे हराया जाए और खिताब कैसे जीता जाए। वही सोच मेरे अंदर भी आ गई और फिर मैं जहां भी गई, जीत की मानसिकता लेकर गई। इसका असर पिछले कुछ वर्षों में साफ दिखा है,” उन्होंने कहा।

तीन सत्रों में दो खिताब जीतने के बाद मुंबई इंडियंस ने मुख्य कोच शार्लेट एडवर्ड्स से अलग होकर लिसा कीटली को यह जिम्मेदारी सौंपी है। मेगा ऑक्शन के बावजूद टीम अपने कोर खिलाड़ियों को बनाए रखने में सफल रही है।

नई कोच लिसा कीटली, जो पहले दिल्ली कैपिटल्स के साथ काम कर चुकी हैं, ने WPL की बढ़ती प्रतिस्पर्धा की जमकर तारीफ की।
“WPL अब बेहद प्रतिस्पर्धी हो गई है। घरेलू खिलाड़ी तेजी से सुधर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए मानसिक रूप से मजबूत बन रहे हैं,” कीटली ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि घरेलू स्तर पर दबाव में खेलने की आदत ने ही भारत को हालिया 50 ओवर वर्ल्ड कप में सफलता दिलाई।
“अगर अगले तीन साल इसी तरह रहे, तो आने वाले वर्ल्ड कप में भारत को खेलते देखना बाकी टीमों के लिए डरावना होगा।”

कीटली ने भारतीय युवा खिलाड़ियों की मेहनत और जज्बे की भी तारीफ की।
“उनकी ट्रेनिंग में प्रतिस्पर्धा, सीखने की भूख और जीतने की चाह देखना बेहद खूबसूरत है। कई खिलाड़ियों के लिए यह मंच उनकी जिंदगी बदल देता है।”

मुंबई इंडियंस में हर्मनप्रीत कौर की अगुआई और WPL का माहौल अब सिर्फ ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट में जीत की संस्कृति गढ़ने की दिशा में एक मजबूत कदम बन चुका है।

समाचार स्रोत: © The Cricket News
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