WPL 2026: विश्व वर्चस्व की तैयारी में भारतीय महिला क्रिकेट, लक्ष्य सिर्फ ट्रॉफी नहीं
महिला प्रीमियर लीग 2026 भारतीय महिला क्रिकेट को विश्व वर्चस्व की ओर ले जाने का अगला बड़ा पड़ाव है।
महिला प्रीमियर लीग 2026 भारतीय महिला क्रिकेट को विश्व वर्चस्व की ओर ले जाने का अगला बड़ा पड़ाव है।
महिला प्रीमियर लीग 2026 भारतीय महिला क्रिकेट को विश्व वर्चस्व की ओर ले जाने का अगला बड़ा पड़ाव है।
भारतीय महिला क्रिकेट की पोस्टर गर्ल्स और महिला प्रीमियर लीग (WPL) की दो सबसे लोकप्रिय फ्रेंचाइज़ियों की कप्तान स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। WPL 2026 के उद्घाटन से पहले DY पाटिल स्टेडियम में दोनों की मौजूदगी सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के बदलते भविष्य का प्रतीक थी।
जहां पहले यह मंच मनोरंजन और दर्शकों को आकर्षित करने की चुनौती था, वहीं अब WPL भारतीय महिला क्रिकेट के लिए विश्व स्तर पर वर्चस्व की नींव बन चुका है। 2025 का विश्व कप जीतने के बाद उम्मीदें और भी ऊंची हो गई हैं। अमनजोत कौर के शब्दों में, “यह सिर्फ शुरुआत है, भारत हर फॉर्मेट में दुनिया पर राज करेगा।”
WPL का प्रभाव सिर्फ स्टार खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। ग्वालियर की 22 वर्षीय अनुष्का शर्मा, घरेलू क्रिकेट में जगह बनाने के बजाय WPL स्काउट्स को आकर्षित करने के लिए रेंज हिटिंग पर मेहनत कर रही हैं। काशीवी गौतम, किरण नवगिरे और कई अन्य खिलाड़ी विदेशी खिलाड़ियों को करीब से देखकर अपने खेल, फिटनेस और मानसिक मजबूती को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
बीते तीन सीज़न में WPL के जरिए 19 भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है। तेज गेंदबाज़ी, ऑलराउंडर और स्पिन—हर विभाग में भारत की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत हुई है। यही WPL की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हालांकि सवाल यह भी है कि क्या सिर्फ तीन हफ्तों का टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह बदल सकता है? जवाब शायद यही है कि WPL अकेला समाधान नहीं, लेकिन यह बदलाव का सबसे मजबूत उत्प्रेरक जरूर है। फ्रेंचाइज़ियों का मुख्य उद्देश्य भले ही व्यवसाय हो, लेकिन इसका अनचाहा परिणाम भारतीय क्रिकेट का तेज विकास रहा है।
स्मृति मंधाना मानती हैं कि लक्ष्य सिर्फ एक-दो टूर्नामेंट जीतना नहीं, बल्कि हर साल, हर फॉर्मेट में सर्वश्रेष्ठ बनना है। हरमनप्रीत कौर भी कहती हैं कि एक विश्व कप से संतुष्टि नहीं मिलेगी, टीम की सोच अब लगातार चैंपियन बनने की है।
WPL 2026 उसी सोच की अगली परीक्षा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय खिलाड़ी विदेशी सितारों से आगे निकलकर दबदबे के साथ मैच खत्म करेंगे। एक नए युग की शुरुआत में, भारतीय महिला क्रिकेट अब सिर्फ सपने नहीं देख रहा, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।